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अब बस है तो ख़ामोशी , अब दर्द नहीं है सीने में

पल-पल , तिल-तिल मरता मैं. खुद पे रोता , खुद पे हँसता , गिरता और सम्हलता मैं. सब कुर्बानियाँ व्यर्थ गयीं , सब प्रयास निरर्थक से. हर साँस थकी है, आँखें भी नम , प्रभु, आपसे भी अब हतप्रभ हम. गिनती नहीं मेरे साँसों की, रात कटी है, जेलों सी , अब बस है तो ख़ामोशी , अब दर्द नहीं है सीने में. कटती-कटती रही ज़िन्दगी, घुटे दर्द हर एक क्षण में, कभी तो होगी, इस जीवन में, एक किरण उन सुबहों की. जिनको निहारता रहा गगन में, ज्यों सूखे में , सूने आकाश में, मेघ ढूंढता , कृषक मन-चिंतन में. मृग मरीचिका ही रही जीवन जब , कुछ अर्थहीन , कुछ कपोल-कल्पना के भीषण रण में. कहते हैं; कविता घनीभूत संवेदनाओं की उपज होती है. ऊपर की पंक्तियाँ मेरे वर्तमान के मनःस्थिति की एक गहरी उकेर है. ढल गए तो बुत , बह गए तो रेत हैं. 

तो यह होता है इंटरव्यू (साक्षात्कार)?

तो यह होता है इंटरव्यू (साक्षात्कार)? यह बीच का व्यू है! फिल्म की इंटरवल की तरह इंटर-व्यू ! पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त! कर दिया आपने, प्रस्तावना, प्रतिवेदन और उल्लेख ! समझ गए आप! जी हाँ, मैं आपके रिज्यूमे या बायो डाटा की बात कर रहा हूँ. व्यक्ति और व्यक्तितव एक ओर और दूसरी ओर उस संभावना जिसे हम जॉब कहते हैं से रु-बरु होने के मध्य का क्रम है इंटरव्यू! यहाँ आपका पहला चैलेंज है, यह "साक्षात्कर्ता "! आप पेश होते हैं, वह प्रकट होता है! प्रगट भयाला , दीन  दयाला ! एक ब्लाइंड डेट की तरह , सिलसिला शुरू होता है, एक -दूसरे को इम्प्रेस करने का! सिर्फ अच्छी बातें, सुनहरे ख़याल , लम्बी फेंक , कुछ तुम लपेटो, कुछ हम लपेटें! सच, न तुम सुन सकोगे , न मुझमें इसकी ख़्वाहिश ! रहने दो, आज वक़्त नहीं है, मेरी शायरी का, अज़ीब दोस्तों की दास्तानों का, मेरी बेबसी, मजबूरियों का, उन कड़वे अहसासों का, सीने में दफन कुछ अरमानों का. यह, इंटरव्यू है ज़नाब , आईये सिर्फ अच्छी बातें करें. क्या कहा, ज़मीर-ईमान ? वह तो दरवाज़े के बाहर छोड़ आया मैं, ...

Astrology, life, career

Our ex-HRD minister,  Smriti Irani  was spotted meeting an astrologer in Rajasthan recently. Astrologer told, she will become the President of India. Her career is bright. We all know, he is right, since we saw Smriti move very fast from her daily soap avatar to the powerful central minister in Govt of India. She is still a minister , a Rajya Sabha MP and Minister of Textiles currently. Can all this happen to someone meteorically. She is an excellent orator. Well read and extremely logical person. She may not be a graduate but that does not matter. What MBTI and all other expensive psychometric tests could not tell me about my situation, my self-learning of vedic astrology unearthed for me. I regret, I did not learn astrology earlier. This is such a beautiful science. So much to learn. I am in kindergarten now. I am not superstitious. I know all myths are actually truths (My+Truths=Myths) I have been hired for a Central Govt's class 1, Gazetted officer role. Toppe...

Just Energy, a Controversial Canadian Energy retailer-fraught with fraud business practices-Dirty politics at MNC's back office in Bangalore, India!

आज मुझे एक फ़ोन आया; एक पुराने सहकर्मी का. बंगाल का यह नौजवान मेरे साथ जस्ट एनर्जी नाम की कंपनी में काम करता था. इसे मैंने नौकरी डॉट कॉम पर ढूंढा था, जब मैं यूके के एक प्रोजेक्ट के लिए हायर कर रहा था. आज ही  उसको जस्ट एनर्जी ने काम से निकाल दिया है. फोर्स्ड रेसिग्नेशन। लगभग वैसा ही जैसा की इमरजेंसी के समय ज़बरन नसबंदी की जा रही थी. जस्ट एनर्जी का इंडियन बैक ऑफिस ऑपरेशन्स एक एलएलपी नाम से चलता है. आप को हैरानी होगी यह जान कर की जस्ट एनर्जी , एक लिस्टेड कंपनी है, अमरीका और कनाडा में.  इंडिया में इसका सञ्चालन करते है, सुधीन्दृन कामथ।  कोच्चि , केरला से आते हैं. इनका फाइनेंस और एचआर भी केरल कनेक्शन वाले हैं. इससे पहले वे दांस्के आईटी , नाम की एक, डैनिश बैंक की बैकॉफिके ऑपरेशन्स में भी सीईओ रह चुके है. दांस्के आईटी का ग्लास्सडोर रेटिंग 2.2 है. सीनियर मैनेजमेंट की गौरब गाथा का रोमांचक विवरण आप पढ़ सकते हैं.  यह एम्प्लॉई , जिससे आज जबरदस्ती रेसिग्नेशन ले लिया गया, कह रहा था, मैं ने, टीम की परफॉरमेंस सुधारने का प्रयास किया तो एक लड़की के बहाने , जिसका परफॉरमेंस क...

खरबूजा, खरबूजे को देख कर रंग बदलता है. Leadership lessons learnt in trenches not classrooms!

 फिल्म रेड  एक जांबाज़ अफसर की कहानी है जो  अपना असर सब के मन मस्तिष्क पर छोड़ जाता है. कमाल  की बात तब होती है, जब, इनके साथी कर्मचारी जो वर्षों की गुलामी के बाद अपने अस्तित्वा को, अपनी ईमानदारी और निष्ठा को पा लेती है, अति गर्वित होकर, एक लीडर की वजह से , जिसने अपने और अपनों की जान की परवाह किये बगैर एक ऐतिहासिक  कहानी बना डाली, जिसपर आज ब्लॉक बस्टर  फिल्म बनी है. रेड में एक लीडरशिप लेशन है जो संक्रामक है. इन्फेक्शस  जिसे अंग्रेजी में कहते हैं ! इस रेड ने  साधारण कर्मचारियों को  जीवन भर के लिए लीडर बना दिया. जबरदस्त परिवर्तन की कथा.  मेरा मानना है कि :  Leadership lessons are learnt in trenches not classrooms! What we learn in classrooms or over coffee with a high profile mentor or through talks by management experts, are not leadership things, they are just management tips.  खरबूजा, खरबूजे को देख कर रंग बदलता है. मतलब क्या है? फिल्म  रेड  देख ली आपने? अगर  नहीं  तो देख लीजिये! मतलब समझ ...

HR का मुल्लानामा! मुगालते में मत रहिएगा!

भक्ति काल के कवियों के बारे में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था, यह बैठे ठालों का रोज़गार है. HR में अगर कहीं एक्शन है तो वह रिक्रूटिंग में है. ट्रेनिंग भी कथा वाचन है. नया एमबीए मुल्ला , कुछ थके हारे , उबासियाँ लेते ट्रेनी गण , एक वीरान सा ट्रेनिंग रूम, जिसमे ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है, पर कोईं ५ लोग ही ट्रेनिंग के लिए पकडे जा सके! बाकी लोगों को काम था या फिर अंतिम छन कोई ज़रूरी काम का बहाना बना कर कट लिए! एक्सएलआरआई वाला ट्रेनर (आपका नया मुल्ला ) ट्रेनिंग करता है, ग्रुफी  निकालता है, और फिर  चंद  शब्दों के अपडेट के साथ लिंकडिन पर चिपका देता है. श्री सत्य नारायण की सप्तम अध्याय की समाप्ति अब शंखनाद से नहीं होती, होती है ग्रुफी से ! भाई साब , इस फार्मा कंपनी में, एम्प्लोयी की  मीडियन सैलरी ३ लाख के आस-पास है, और एग्जीक्यूटिव की सैलरी इससे ४०० गुने अधिक, जैसा की २०१३ की कम्पनीज एक्ट नियामित डेक्लरेशन से २०१५ के फाइलिंग से पता चलता है. समस्या ४०० गुने या ४००० होने से नहीं है, है तो इससे कि एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख ...
बात पिछले हफ्ते की है; एक फंडेड स्टार्ट अप कंपनी की महिला CEO ने अपने recruiter से कहा , "How can send me resumes without doing a reference check ?". Recruiter collapsed with surprise! भेजे गए , एक रिज्यूमे पर उनकी टिपण्णी थी, "How can you send me this guys resume, he is an asshole!" उस recruiter को मेरी सलाह है; कैंडिडेट से पहले पूछ लें, "क्षमा कीजिये, क्या आप asshole हैं? और अगर आप हैं भी तो क्या मेरे CEO को यह मालूम है?" लोग मुझसे पूछते हैं; मैं अपनी किताब कब लिख रहा हूँ? मुझे लगता है; जो connections आपकी आर्टिकल या अपडेट नहीं पढ़ते, वो आपकी किताब क्या पढ़ेंगे! फिर भी, HR प्रोफेशनल होने के कारण मुझे किताब तो लिखनी ही है. एक जिसमे मैं अपने अनुभव बेशर्मी से लिखूंगा, जैसा देखा वैसा ही. लव , सेक्स और deceit इन HR ! should be able to draw some audience! For more start up jokes, check this out on Business World