कॉर्पोरेट जंगल की एक लघु कथा, जिसमें किस्मत करवट लेती है और रिक्रूटर नटराज बन जाते हैं
कॉर्पोरेट दुनिया में हर किसी की एक एक्सपायरी डेट होती है—बस फर्क इतना है कि किसी की डेट HR को पता होती है, और किसी की खुद को भी नहीं।
कल पुराने सहकर्मी का फोन आया। आवाज़ में वही कंपन‑कंपन वाली हँसी—जो लोग PIP के बाद गार्डन लीव पर भेजे जाते हैं, वही हँसी हँसते हैं।
चार साल तक अखंड सौभाग्यवती करियर चला।
कंपनी ने 11 मई तक की सैलरी दे दी है, और बदले में कहा है—
“भाई, अब ऑफिस मत आना। हम भी खुश, तुम भी खुश।”
अब बेचारे सीनियर रिक्रूटर को नई नौकरी ढूँढनी पड़ेगी।
पिछली चार नौकरियाँ तो उनके पुराने बॉस ने जुगाड़ से दिला दी थीं।
लेकिन इस बार बॉस खुद ही बेरोज़गार हैं—तो जुगाड़ भी गार्डन लीव पर है।
🌱 कंपनी का कल्चर: जहाँ DNA मैच हो जाए, वही लकी है
कॉर्पोरेट में सर्वाइवल एक ही चीज़ पर निर्भर करता है—
आपका DNA कंपनी के DNA से मैच करता है या नहीं।
काम, टैलेंट, मेहनत—ये सब तो LinkedIn पोस्ट के लिए होते हैं।
कुछ लोग फिट हो जाते हैं, कुछ लोग फिट कर दिए जाते हैं,
और कुछ लोग… फिट‑फाट हो जाते हैं।
🧮 रिक्रूटमेंट टीम का गणित: 35 → 14 → “सब चंगा”
जब मैं 2023 तक इस कंपनी में रिक्रूटर था, तब कुल 35 रिक्रूटर थे।
आज 14 बचे हैं।
और मज़े की बात—कंपनी कहती है,
“सब चंगा सी!”
कॉर्पोरेट में “सब चंगा” का मतलब होता है—
किसी को कुछ मत बताओ, बस मुस्कुराओ।
🧧 समाजवाद का नया मॉडल: 5 लाख से 1.5 करोड़ तक, सब एक जैसा काम
इस कंपनी की सबसे प्यारी बात—इसका समाजवाद।
5 लाख वाला रिक्रूटर और 1.5 करोड़ वाला रिक्रूटर—दोनों एक ही काम करते हैं।
बस फर्क इतना है कि एक को KPI से डर लगता है,
और दूसरे को सिर्फ अपने LinkedIn followers कम लगते हैं।
🔮 कर्मा और किस्मत का संयुक्त उद्यम
जैसा कि मैंने पहले भी कहा है—
लोग अपनी किस्मत का खाते हैं, और कंपनी अपने कर्मा का भोगती है।
अगर कंपनी ने कर्मा में कुछ गड़बड़ की है,
तो उसे परजीवी कर्मचारी मिलते ही मिलते हैं।
और अगर कर्मचारी ने कर्मा में गड़बड़ की है,
तो उसे PIP मिलती ही मिलती है।
🙏 वैभव भाई के लिए दुआ
हम सब दुआ करते हैं कि वैभव भाई को नौकरी मिल जाए।
और फिर किसी दिन कोई अनीश भाई आएँगे,
किस्मत करवट लेगी,
और रिक्रूटमेंट टीम में फिर से नटराज चैंपियन पैदा होगा।
कॉर्पोरेट दुनिया में यही चक्र चलता है—
आज तुम किसी को उठाते हो, कल कोई तुम्हें उठाता है।
