भक्ति काल के कवियों के बारे में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था, यह बैठे ठालों का रोज़गार है. HR में अगर कहीं एक्शन है तो वह रिक्रूटिंग में है. ट्रेनिंग भी कथा वाचन है. नया एमबीए मुल्ला , कुछ थके हारे , उबासियाँ लेते ट्रेनी गण , एक वीरान सा ट्रेनिंग रूम, जिसमे ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है, पर कोईं ५ लोग ही ट्रेनिंग के लिए पकडे जा सके! बाकी लोगों को काम था या फिर अंतिम छन कोई ज़रूरी काम का बहाना बना कर कट लिए! एक्सएलआरआई वाला ट्रेनर (आपका नया मुल्ला ) ट्रेनिंग करता है, ग्रुफी निकालता है, और फिर चंद शब्दों के अपडेट के साथ लिंकडिन पर चिपका देता है. श्री सत्य नारायण की सप्तम अध्याय की समाप्ति अब शंखनाद से नहीं होती, होती है ग्रुफी से ! भाई साब , इस फार्मा कंपनी में, एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख के आस-पास है, और एग्जीक्यूटिव की सैलरी इससे ४०० गुने अधिक, जैसा की २०१३ की कम्पनीज एक्ट नियामित डेक्लरेशन से २०१५ के फाइलिंग से पता चलता है. समस्या ४०० गुने या ४००० होने से नहीं है, है तो इससे कि एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख है, यही कि कंपनी की आधी आबादी ३ लाख से कम की सैलरी में पूरे साल घर चलती है, भविस्य की निधि जमा की जाती है, साले-साली, ननद की शादी में लाखों खर्च करती है, बीमारी का घाटा भी भर्ती है और ईएमआई पर वाशिंग मशीन खरीदती है. कंपनी में कम्पेन्सेशन और बेनिफिट वाले बड़े अधिकारी भी मोटा माल कमाते हैं और ३ लाख से कम मज़दूरी पर मज़दूर पालते हैं. एक्सेल फाइल , मेल मर्ज , लेटर तैयार है , बोनस भी है, ३ से ८ परसेंट. आज तो उत्सव होगा. विल्लिस टावर वाटसन की सारी सैलरी सर्वे काम आ गयी, हमने चुन लिया अपना मीडियन और लेटर तैयार है. मैनेजर कुछ लोगों के लिए झगडेगा , ७ से ११ परसेंट सैलरी बढ़वाने के लिए ६ मीटिंग करेगा, वीपी साहब लोग 'गट-फील' कॉलम ड्रा करेंगे, कंपनसेशन वाले बड़े साहब लोग फ़ेवरिट लोगों का नया सैलरी नोट कर लेंगे. इसी बहाने, कुछ बड़े साहब, कुछ सीक्रेट सैलरी इज़ाफ़े के लिए कंपनसेशन के बड़े साहब को एक अलग से मीटिंग कल मॉर्निंग में रखने को बोलेंगे. मीटिंग होगी, एक -दो बड़े मुर्ग़ों का सैलरी फिर से बढ़ेगा, एक-दो का प्रमोशन भी हो जाएगा! बड़े साहब कंपनसेशन वाले को कहेंगे; अनाउंसमेंट मैं कर दूंगा, तुम लेटर मुझे दे दो, मैं रिव्यु करता हूँ. यह काम है सरजी कंपनसेशन वालों का, और अगर CHRO हैं कंपनी में तो, फिर तो एक कॉन्फिडेंटिअल मीटिंग होगी, पर बात वही छपेगी जो साहब ने कहा है. आप लेटर प्रिंट कीजिये, साहब का इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर होगा और फिर साहब लोग अपने सिपहसालार लोगों को 'रियासत-बक्शीश' बांटने की मीटिंग की कवायद होगी. सभी लोग उत्सव मनाएंगे। कल से फिर दुनियां, वैसे ही काम करेगी।
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है;तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है!-शायर विजय सोलंकी
Thursday, March 15, 2018
HR का मुल्लानामा! मुगालते में मत रहिएगा!
भक्ति काल के कवियों के बारे में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था, यह बैठे ठालों का रोज़गार है. HR में अगर कहीं एक्शन है तो वह रिक्रूटिंग में है. ट्रेनिंग भी कथा वाचन है. नया एमबीए मुल्ला , कुछ थके हारे , उबासियाँ लेते ट्रेनी गण , एक वीरान सा ट्रेनिंग रूम, जिसमे ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है, पर कोईं ५ लोग ही ट्रेनिंग के लिए पकडे जा सके! बाकी लोगों को काम था या फिर अंतिम छन कोई ज़रूरी काम का बहाना बना कर कट लिए! एक्सएलआरआई वाला ट्रेनर (आपका नया मुल्ला ) ट्रेनिंग करता है, ग्रुफी निकालता है, और फिर चंद शब्दों के अपडेट के साथ लिंकडिन पर चिपका देता है. श्री सत्य नारायण की सप्तम अध्याय की समाप्ति अब शंखनाद से नहीं होती, होती है ग्रुफी से ! भाई साब , इस फार्मा कंपनी में, एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख के आस-पास है, और एग्जीक्यूटिव की सैलरी इससे ४०० गुने अधिक, जैसा की २०१३ की कम्पनीज एक्ट नियामित डेक्लरेशन से २०१५ के फाइलिंग से पता चलता है. समस्या ४०० गुने या ४००० होने से नहीं है, है तो इससे कि एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख है, यही कि कंपनी की आधी आबादी ३ लाख से कम की सैलरी में पूरे साल घर चलती है, भविस्य की निधि जमा की जाती है, साले-साली, ननद की शादी में लाखों खर्च करती है, बीमारी का घाटा भी भर्ती है और ईएमआई पर वाशिंग मशीन खरीदती है. कंपनी में कम्पेन्सेशन और बेनिफिट वाले बड़े अधिकारी भी मोटा माल कमाते हैं और ३ लाख से कम मज़दूरी पर मज़दूर पालते हैं. एक्सेल फाइल , मेल मर्ज , लेटर तैयार है , बोनस भी है, ३ से ८ परसेंट. आज तो उत्सव होगा. विल्लिस टावर वाटसन की सारी सैलरी सर्वे काम आ गयी, हमने चुन लिया अपना मीडियन और लेटर तैयार है. मैनेजर कुछ लोगों के लिए झगडेगा , ७ से ११ परसेंट सैलरी बढ़वाने के लिए ६ मीटिंग करेगा, वीपी साहब लोग 'गट-फील' कॉलम ड्रा करेंगे, कंपनसेशन वाले बड़े साहब लोग फ़ेवरिट लोगों का नया सैलरी नोट कर लेंगे. इसी बहाने, कुछ बड़े साहब, कुछ सीक्रेट सैलरी इज़ाफ़े के लिए कंपनसेशन के बड़े साहब को एक अलग से मीटिंग कल मॉर्निंग में रखने को बोलेंगे. मीटिंग होगी, एक -दो बड़े मुर्ग़ों का सैलरी फिर से बढ़ेगा, एक-दो का प्रमोशन भी हो जाएगा! बड़े साहब कंपनसेशन वाले को कहेंगे; अनाउंसमेंट मैं कर दूंगा, तुम लेटर मुझे दे दो, मैं रिव्यु करता हूँ. यह काम है सरजी कंपनसेशन वालों का, और अगर CHRO हैं कंपनी में तो, फिर तो एक कॉन्फिडेंटिअल मीटिंग होगी, पर बात वही छपेगी जो साहब ने कहा है. आप लेटर प्रिंट कीजिये, साहब का इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर होगा और फिर साहब लोग अपने सिपहसालार लोगों को 'रियासत-बक्शीश' बांटने की मीटिंग की कवायद होगी. सभी लोग उत्सव मनाएंगे। कल से फिर दुनियां, वैसे ही काम करेगी।
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