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Showing posts from September, 2016

क्या कॉर्पोरेट हायरिंग में भी कास्टिंग काउच है? (Is there a Casting Couch in corporate hiring too?)

आप इसे पहचानते हैं, सही कहा आपने,  हार्वे विंस्टिन, मशहूर हॉलीवुड फ़िल्म निर्माता...कास्टिंग काउच से विख्यात हुए.. किस्से हज़ारों.. कारनामें बड़े बड़े..  इस विषय पर कोई नहीं बोलता....गन्दा है पर धंधा...   मेरा ह्यूमन रिसोर्सेज (एच आर) फंक्शन में काम करने का अनुभव है, जब मैं मैनेजमेंट की पढ़ाई सिम्बी में कर रहा था, मेरी क्लास में कुछ ६० लोग थे. दो-चार विदेशी (थर्ड वर्ल्ड कंट्री के लोग, जिनके लिए इंडिया का सिम्बी जैसा एवरेज मैनेजमेंट का शॉप भी कैंब्रिज है). लगभग ४० लड़कियां, बाकी लड़के. कुछ ५ या ६ बैक डोर एंट्री वाले भी थे. एक पटना से भी था, जो बाद में जूनियर बैच में भेज दिया गया, क्योंकि पुणे यूनिवर्सिटी ने मैनेजमेंट कोटा में उसे जगह नहीं दिया. आज साहब KPMG में ह्यूमन रिसोर्सेज के डायरेक्टर हैं. बैक डोर एंट्री वाले, TCS America में रिसोर्स मैनेजमेंट यानि पोल्ट्री फार्मिंग कर रहे हैं. एक बैक डोर वाला, कई देश में चेंज मैनेजमेंट कर आया. कॉर्पोरेट वर्ल्ड का नंगा सच आपको मैनेजमेंट संस्थानों में ही दिख जाएगा। मतलबी, षड्यंत्रकारी , चौकड़ी बाज़. वहाँ  मिलेंगे. गंदे-घिनौने चेहरे, प्लेसमेंट क