यह तश्वीर उन सिगल्स की स्थिति को दर्शाती है जो अपनी हीन भावना से ऊपर नहीं उठ सके. एच आर में एक लम्बी फौज है जो कुलवधुओं के वेश में वेश्याएं हैं. यह विश्लेषण कई पुरुषों पर भी सामान्य रूप से लागू होता है. यह एक विचार है, एक मानसिकता जो सभय्ता की लाश नोचते से नज़र आते हैं. सच, हम कलयुग में जी रहे हैं. अब आते हैं मुद्दे पर.. दूसरी जमात क्या हैं? नौकरी जा सकती है, बिज़नेस फेल होते हैं. कई लोग कंगाल हो जाते हैं कई बच जाते हैं... उन्हें सहारा मिल जाता है. दूसरी ज़मात उन लोगों की है जो पहले से ही फ्रॉड हैं. जब मैं पी सी एस टेक्नोलॉजी में काम करता था तब एक रिक्रूटर इंटरव्यू देने आया। .उसे हमारे मल्लू जोनल मैनेजर की 'माल' (इस मल्लू माल की चर्चा हम बाद में करेंगे) ने अपने कंसल्टेंसी से भेजा, हमारे यहां के रिक्रूटर पोजीशन के लिए. लड़का मध्य प्रदेश के किसी जगह से एम् सी ए की पढाई करके आया था। कहीं कोई रिक्रूटमेंट कंपनी में काम कर रहा था, पता नहीं वह भी सही इनफार्मेशन था या फेक रिज्यूमे मात्र. . माल का कैंडिडेट था सो बहाल हो ग...
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है;तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है!-शायर विजय सोलंकी