तन्मय भट्ट के एक यूट्यूब चैनल पर एक जोक सुना; आपने कभी यूट्यूब लाइव सेशन ज्वाइन किया हो तो पाया होगा कि लोग कमैंट्स लिखते रहते हैं राइट पैनल के मैसेज बॉक्स में. किसी व्यूअर ने लिखा; कितनी खूबसूरत लड़कियां हैं यहां; किसको देखूँ , किसको न देखूँ ! अन्य व्यूअर ने रिप्लाई करते हुए लिखा ; भाईसाब, आप अपनी औकात देखो! :) रिक्रूटमेंट या हायरिंग के बारे में भी यही परम सत्य है; इसका अर्थ यह नहीं कि आप अपनी औकात के बाहर जा कर हायर नहीं कर सकते , पर आप एक्सपेरिमेंट करके क्या हासिल कर लेंगे, जब ऑफर एक्सेप्ट होंगे , न कैंडिडेट ज्वाइन करेगा! मैंने अपने हायरिंग करियर में दो बातों को ध्यान से समझा है. १. दो तरह के कैंडिडेट होते हैं; पहला, जो जबरदस्त हो और दूसरा जो आपको ज्वाइन कर सकता है. अब आप ऐश्वर्या के चक्कर में विवेक ओबेरॉय बनना चाहते हो तो आपकी मर्ज़ी. २. हायरिंग अगर हायरिंग मैनेजर के साले की शादी है, तो फिर यह रिक्रूटर के बहन की शादी भी नहीं है. अगर आप पहले की दो बातों से सहमत नहीं हैं तो आप नीचे लिखे दो तथ्यों पर ध्यान दीजिये ; १. हायरिंग की ओपन पोजीशन की ब्रीफिंग आपने अ...
लश्कर भी तुम्हारा है सरदार तुम्हारा है;तुम झूठ को सच लिख दो अखबार तुम्हारा है!-शायर विजय सोलंकी