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Showing posts from 2018

CIO बॉस ने ऐसा ही गन्दा षड़यंत्र रचा था! Dirty politics at MNC's back office!

आज मुझे एक फ़ोन आया; एक पुराने सहकर्मी का. बंगाल का यह नौजवान मेरे साथ जस्ट एनर्जी नाम की कंपनी में काम करता था. इसे मैंने नौकरी डॉट कॉम पर ढूंढा था, जब मैं यूके के एक प्रोजेक्ट के लिए हायर कर रहा था. आज ही  उसको जस्ट एनर्जी ने काम से निकाल दिया है. फोर्स्ड रेसिग्नेशन। लगभग वैसा ही जैसा की इमरजेंसी के समय ज़बरन नसबंदी की जा रही थी. जस्ट एनर्जी का इंडियन बैक ऑफिस ऑपरेशन्स एक एलएलपी नाम से चलता है. आप को हैरानी होगी यह जान कर की जस्ट एनर्जी , एक लिस्टेड कंपनी है, अमरीका और कनाडा में. इंडिया में इसका सञ्चालन करते है, सुधीन्दृन कामथ।  कोच्चि , केरला से आते हैं. इनका फाइनेंस और एचआर भी केरल कनेक्शन वाले हैं. इससे पहले वे दांस्के आईटी , नाम की एक, डैनिश बैंक की बैकॉफिके ऑपरेशन्स में भी सीईओ रह चुके है. दांस्के आईटी का ग्लास्सडोर रेटिंग 2.2 है. सीनियर मैनेजमेंट की गौरब गाथा का रोमांचक विवरण आप पढ़ सकते हैं. यह लड़का , जिससे आज जबरदस्ती रेसिग्नेशन ले लिया गया, कह रहा था, मैं ने, टीम की परफॉरमेंस सुधारने का प्रयास किया तो एक लड़की के बहाने , जिसका परफॉरमेंस काफी समय से काफी बुरा था, आज सुधीन्दृन क…

खरबूजा, खरबूजे को देख कर रंग बदलता है. Leadership lessons learnt in trenches not classrooms!

 फिल्म रेड  एक जांबाज़ अफसर की कहानी है जो  अपना असर सब के मन मस्तिष्क पर छोड़ जाता है. कमाल  की बात तब होती है, जब, इनके साथी कर्मचारी जो वर्षों की गुलामी के बाद अपने अस्तित्वा को, अपनी ईमानदारी और निष्ठा को पा लेती है, अति गर्वित होकर, एक लीडर की वजह से , जिसने अपने और अपनों की जान की परवाह किये बगैर एक ऐतिहासिक  कहानी बना डाली, जिसपर आज ब्लॉक बस्टर  फिल्म बनी है.
रेड में एक लीडरशिप लेशन है जो संक्रामक है. इन्फेक्शस  जिसे अंग्रेजी में कहते हैं !
इस रेड ने  साधारण कर्मचारियों को  जीवन भर के लिए लीडर बना दिया. जबरदस्त परिवर्तन की कथा. 
मेरा मानना है कि : 
Leadership lessons are learnt in trenches not classrooms! What we learn in classrooms or over coffee with a high profile mentor or through talks by management experts, are not leadership things, they are just management tips. 
खरबूजा, खरबूजे को देख कर रंग बदलता है. मतलब क्या है? फिल्म रेड देख ली आपने? अगर  नहीं  तो देख लीजिये! मतलब समझ में तब आया जब, घूसख़ोर, और व्यवस्था से परेशान होकर जब, राजस्व /रेवेन्यू डिपार्टमेंट के मुलाज़िम जब पालतू से…

HR का मुल्लानामा! मुगालते में मत रहिएगा!

भक्ति काल के कवियों के बारे में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा था, यह बैठे ठालों का रोज़गार है. HR में अगर कहीं एक्शन है तो वह रिक्रूटिंग में है. ट्रेनिंग भी कथा वाचन है. नया एमबीए मुल्ला , कुछ थके हारे , उबासियाँ लेते ट्रेनी गण , एक वीरान सा ट्रेनिंग रूम, जिसमे ५० लोगों के बैठने की व्यवस्था है, पर कोईं ५ लोग ही ट्रेनिंग के लिए पकडे जा सके! बाकी लोगों को काम था या फिर अंतिम छन कोई ज़रूरी काम का बहाना बना कर कट लिए! एक्सएलआरआई वाला ट्रेनर (आपका नया मुल्ला ) ट्रेनिंग करता है, ग्रुफी  निकालता है, और फिर  चंद  शब्दों के अपडेट के साथ लिंकडिन पर चिपका देता है. श्री सत्य नारायण की सप्तम अध्याय की समाप्ति अब शंखनाद से नहीं होती, होती है ग्रुफी से ! भाई साब , इस फार्मा कंपनी में, एम्प्लोयी की  मीडियन सैलरी ३ लाख के आस-पास है, और एग्जीक्यूटिव की सैलरी इससे ४०० गुने अधिक, जैसा की २०१३ की कम्पनीज एक्ट नियामित डेक्लरेशन से २०१५ के फाइलिंग से पता चलता है. समस्या ४०० गुने या ४००० होने से नहीं है, है तो इससे कि एम्प्लोयी की मीडियन सैलरी ३ लाख है, यही कि कंपनी की आधी आबादी ३ लाख से कम की सैलरी में पूरे स…
बात पिछले हफ्ते की है; एक फंडेड स्टार्ट अप कंपनी की महिला CEO ने अपने recruiter से कहा , "How can send me resumes without doing a reference check?". Recruiter collapsed with surprise!

भेजे गए , एक रिज्यूमे पर उनकी टिपण्णी थी, "How can you send me this guys resume, he is an asshole!"
उस recruiter को मेरी सलाह है; कैंडिडेट से पहले पूछ लें, "क्षमा कीजिये, क्या आप asshole हैं? और अगर आप हैं भी तो क्या मेरे CEO को यह मालूम है?"
लोग मुझसे पूछते हैं; मैं अपनी किताब कब लिख रहा हूँ? मुझे लगता है; जो connections आपकी आर्टिकल या अपडेट नहीं पढ़ते, वो आपकी किताब क्या पढ़ेंगे! फिर भी, HR प्रोफेशनल होने के कारण मुझे किताब तो लिखनी ही है. एक जिसमे मैं अपने अनुभव बेशर्मी से लिखूंगा, जैसा देखा वैसा ही. लव , सेक्स और deceit इन HR ! should be able to draw some audience!

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असर संस्थान अग्रसर है; रिपोर्ट कम असर!

ANNUAL STATUS OF EDUCATION REPORT 2017यह रिपोर्ट सही है पर जिस बियॉन्ड बेसिक्स की तलाश ग्रामीण इलाकों में की गयी है, वह शहरी विकास की कसौटी पर तय की जा सकती है. ग्रामीण  इलाकों में, युवक पढ़ भी गया तो भी सिर्फ २% सरकारी नौकरी पाते हैं , बाकी बेरोज़गार या फिर काम चलाऊ आधी-अधूरी मज़दूरी नुमां प्राइवेट नौकरी ! अगर तरीके से खेती कर लें, बकरी, भेकड, सूअर, मुर्गी, पाल लें तो ज़्यादा सम्मान से जियेंगे. उनकी मज़बूरियों को समझें।  आर्मी के भर्ती में, हज़ारों पढ़े लिखे रेलम पेल में पिस जाते हैं. १००० में से ५ को नौकरी मिलती है, क्या करेंगे पढ़ कर?  असर संस्थान अग्रसर है, प्रगति पथ पर! 2017 का असर रिपोर्ट 14 से 18 वर्ष के बच्चों पर आधारित है, जिन्होंने प्रारंभिक शिच्छा पूर्ण कर ली है. असर 2017 सर्वेक्षण में पढ़ने तथा गणित  करने की बुनियादी क्षमता से आगे,अर्थात बियॉन्ड बेसिक्स डोमेन शामिल हैं . इसमें चार डोमेन शामिल है– गतिविधि , क्षमता, जागरुकता और आकांछाएँ .The survey for the Annual Status of Education Report for rural India in 2017 was carried out in 28 districts spread across 24 statesASER stands for…