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Showing posts from October, 2016

कहते हैं आईटी में सारे पाप धुल जाते हैं.

सन २००९, स्थान बंगलुरु , मैं, SIBM बंगलुरु में MBA के एडमिशन की GD&PI conduct कर रहा था.  मैंने पाया  के लिए लोग मुख्यतः TCS , Infosys जैसे  आईटी सर्विसेज कंपनी के Engineers, टीम-लीडर्स थे. सब ने MBA करने के पीछे एक सी ही बात कही; करियर ग्रो नहीं कर रहा, सैलरी नहीं बढ़ रही, टीम लीडर/manager बायस्ड हैं, आन -साइट, opportunity काफी कम हैं, और अगर है तो फिर,  suckers इस जात वाले के लिए रिजर्व्ड हैं. , . ...... तो साहब, MBA  एक "संकट मोचक" है जो सांसारिक दुष्चक्रों से छुटकारा दिलाने वाला राम बाण है, ऐसा समझ लीजिये. . आईटी वाले किसी ने भी कोई दिलचस्प बात नहीं की.  ,प्रोजेक्ट मेनेजर, onsite ट्रेवल, per diem, late night, की बात की, Business किसी ने नहीं.  (कहते हैं आईटी में सारे पाप धुल जाते हैं. आईटी में कोई भी गधा पहलवान हो सकता है. अंधे, लंगड़े, हकले, सब चलेंगे, J node, JavaScript, AngularJS, jQuery, Node.js या  Ruby on Rails आता हैं,  बन गए साहब UI /UX स्पेशलिस्ट! एप्लीकेशन ससोफ्ट्वरे कोई भी सीख लेता है, फिर कोई 'लाला' कंपनी में गधा-खच्चर मजूरी के कुछ साल और फिर डेस्प…

राम की शक्ति पूजा!-LEADERSHIP LESSONS

सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ आधुनिक हिन्दी काव्य के प्रमुख स्तम्भ हैं। राम की शक्ति पूजा उनकी प्रमुख काव्य कृति है। निराला ने राम की शक्ति पूजा में पौराणिक कथानक लिखा है, परन्तु उसके माध्यम से अपने समकालीन समाज की संघर्ष की कहानी कही है। राम की शक्ति पूजा में एक ऐसे प्रसंग को अंकित किया गया है, जिसमें राम को अवतार न मानकर एक वीर पुरुष के रूप में देखा गया है,

राम  विजय पाने में तब तक समर्थ नहीं होते जब तक वे शक्ति की आराधना नहीं करते हैं।
"धिक् जीवन को जो पाता ही आया है विरोध,धिक् साधन जिसके लिए सदा ही किया शोध!" तप के अंतिम चरण में, विघ्न, असमर्थ कर देने वाले विघ्न. मन को उद्विग्न कर देने वाले विघ्न. षड़यंत्र , महा षड़यंत्र. परंतु राम को इसकी आदत थी, विरोध पाने की और उसके परे जाने की. शायद इसी कारण उन्हें "अवतार " कहते हैं. अवतार, अर्थात, वह, जिसने मानव जीवन के स्तर को cross कर लिया है. राम सोल्यूसन आर्किटेक्ट थे. पर सिर्फ सोल्यूसन आर्किटेक्ट साधन के बगैर कुछ भी नहीं कर सकता. साधन शक्ति के पास है. विजय उसकी है जिसके साथ शक्ति है.

जानकी! हाय उद्धार प्रिया का हो न सका, वह ए…