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एम्प्लोयी वेलफेयर का सुलतान, flipkart महान.

यह HR वाले करते क्या हैं?
सवाल जायज है. 

यह सवाल उतना ही पुराना ही जितनी की हमारी सभ्यता है. लेकिन आपके मैं यकीन दिलाना चाहता हूँ कि आईआईएम के बच्चों को शूली पर चढाने वाले HR वाले नहीं हैं. यह उनके आका IIT वाले व्यापारी हैं.
अभी flipkart का IIM ऑफर फ्लिप चर्चा में है. शायद १८ ऑफर्स पर  गाज गिर रही है. मुआवज़ा है डेढ़ लाख ६ महीने बाद जब जोइनिंग होगी. इसमें भी चालाकी. आप यह तो मानेंगे , HR वाले इतने चालाक नहीं हैं. यह भी बिज़नेस आका का ही फरमान है. HR सिर्फ अंग्रेजी बोलेगा और बाकी उन्हें IIT वाले बॉसेस बताते रहेंगे कि क्या और कितना बोलना है.
अब आपके पास मिलियन डॉलर वाले HR वाले हैं. HR में एक लम्बी फौज है. क्या आपको लगता है HR ने यहां कोई निर्णय लिया होगा? नहीं. उन्हें यह बता दिया गया होगा , "जोइनिंग डिले करना है, IIM को ईमेल लिख दो. बिज़नेस रीज़न बता दो. यह आदेश तो एडमिन असिस्टेंट को भी दिया जा सकता था. पर HR वाले होते किस लिए हैं. HR वालों को यह सब हैंडल करना बड़ा की सनसनी ख़ेज़ लगता है. ऐसे समय में, स्वनाम धन्य HR वाले अपने आप को बड़े काम की चीज़ समझने लगते हैं. पर जैसे की उन्हें मालूम पड़ता है, आका लोग डायरेक्ट आईआईएम, इत्यादि से बात करने लगे हैं तो HR फ़ौरन ही स्टैंडबाई मोड में आ जाता है..सस्ते टीवी प्रोग्राम के एंकर की तरह यह ऐसे समय में शाहंशाह की तरह महसूस करने लगते हैं पर क्षण भर में फिर भीगी बिल्ली! क्या आपको लगता है कि  डेढ़ लाख का मुआवज़ा वह भी डैफर्ड, HR ने तय किया है. यह सभी  ऑइ - 
वाश (eyewash) हैं. कुछ महीने पहले ही फ्लिपकार्ट के HR आका , जब आप मेटरनिटी, पैटरनिटी पालिसी की बड़ी-बड़ी डींग हांक गए. अभी तो यह फुल्ली पेड ६ महीने की मैटरनिटी लीव दे रहे थे, डेडिकेटेड पार्किंग, एडॉप्शन पालिसी, etc . फिर पता नहीं के-क्या. इतनी जल्दी हवा कैसे निकल जाती है? एम्प्लोयी वेलफेयर का सुलतान, flipkart महान. HR वाले भी अपनी महानता की रोटी सेक गए. आज सबसे इलीट समझे जाने वाले आईआईएम-अहमदाबाद को भी "टक्के-सेेर " ट्रीट कर दिया . यह कैसी मज़बूरी आ गयी सुलतान को ? 

अब इसमें HR कहाँ से आता है? उसको क्या पता कब बिज़नेस क्या करता है, क्या सोचता है? 

फिर मत पूछिएगा, HR करता क्या है? HR तो नेताजी की पत्नी की तरह है, बनारसी साडी पहन लेंगे जब आपकी चांदी रहेगी. पांचों ऊँगली घी में होंगे और आप सरकार होंगे. खद्दर भी चलेगा जब सरकार दिवालिया हो जायेगी. HR अगर कहीं आपको बिकिनी  में या निम्न वस्त्र में दीखता है तो यह भी सरकार की ही मनमानी है. 

भाई, HR कुछ नहीं करता ! मिल गया जवाब आपको? किसी कंपनी का हेल्थ चेक या कल्चर टेस्ट करना हो तो बेशक़ आपको सबसे अच्छी रिजल्ट HR को टेस्ट कर के मिल जायेगी. 
अब आप पूछेंगे, ऐसा कैसे है? क्या HR आर्गेनाईजेशन का आइना है? क्या HR आर्गेनाईजेशन को बनाता है या फिर HR आर्गेनाईजेशन की एक तश्वीर है जो उस परिवेश में उपजती है, पलती है, अपनी एक स्वरुप और प्रकृति को बना पाती है.? मैनिफेस्टेशन, DNA , पता नहीं क्या-क्या. बड़ा प्रश्न है. 
जो डोमिनेट कर गया, वह जीत गया. आप निर्णय कर लें.  शुभ रात्रि!

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